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दरअसल, आंखें हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग होने के साथ -साथ यह काफी ज्यादा नाजुक भी होती हैं, जो किसी भी स्थिति में प्रभावित हो जाती हैं। हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि आंखों से जुड़ी बहुत सी समस्याएं कई बार गंभीर स्थितियों को भी पैदा कर देती हैं, जो दरअसल शुरू -शुरू में इतनी ज्यादा गंभीर नहीं लगती हैं। पर, अगर इन समस्याओं का समय पर इलाज न किया जाये तो, यह आंखों कि सेहत और नज़र को काफी ज्यादा प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा, आंखों से जुड़ी बीमारियों का वक्त पर इलाज करवाना इस लिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह आगे चलकर दिल की सेहत के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। आम तौर पर, ऐसी एक बीमारी ग्लूकोमा भी है, जिसका अगर वक्त रहते इलाज न किया जाये, तो यह आगे चलकर आंखों की सेहत के लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि ग्लूकोमा एक आंखों की बीमारी है, जो बिल्कुल ही ख़ामोशी से और धीरे-धीरे आंखों कि रौशनी को काफी ज्यादा प्रभावित कर देती है, यानि कि आंखों कि रौशनी को धीरे- धीरे छीन लेती है। हालांकि, यह बात भी बिल्कुल सच है, कि अगर वक्त रहते इस तरह की समस्या का इलाज न किया जाये, तो यह आगे चलकर एक व्यक्ति के लिए अंधापन का कारण बन सकती है। आपको बता दें, कि ज्यादातर आंखों से जुड़ी ग्लूकोमा जैसी समस्या लोगों को उम्र बढ़ने के साथ होती है, पर यह समस्या आपको किसी भी में प्रभावित कर सकती है।
आम तौर पर, इस तरह की समस्या को समझना और वक़्त रहते इस समस्या के लक्षणों को पहचानना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
ग्लूकोमा क्या है?
हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि ग्लूकोमा आंखों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिस पर ध्यान न देने पर यह आगे चलकर अंधेपन का कारण बन सकती है। आंखों से जुड़ी यह बीमारी आंख के अंदर काफी ज्यादा दबाव बढ़ने की वजह से होती है, जो आम तौर पर, आंखों में ऑप्टिक नर्व को काफी ज्यादा नुक्सान पहुँचती है। आपको बता दें, कि यह ऑप्टिक नर्व आंखों से लेकर दिमाग तक विज़न सिग्नल ले जाती है और जब यह नर्व खराब या फिर किसी प्रकार से डैमेज हो जाती है, तो एक इंसान की नज़र काफी ज्यादा धुंधली हो जाती है, जिसकी बजह से आखिर में एक व्यक्ति को अंधेपन की समस्या का सामना करना पड़ता है।
ग्लूकोमा के कितने प्रकार हो सकते हैं?
खास तौर पर, ग्लूकोमा दो तरह का होता है, पहला है ओपन-एंगल ग्लूकोमा, जो इस समस्या का सबसे आम प्रकार है, और दूसरा है क्लोज्ड-एंगल ग्लूकोमा, जिसमें आंख में दबाव अचानक बढ़ जाता है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है।
ग्लूकोमा के लक्षण क्या हो सकते हैं?
वैसे तो, ग्लूकोमा की शुरुआत में कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, पर समस्या के बढ़ने पर आपको कुछ लक्षण नज़र आ सकते हैं, जैसे कि
1. नज़र का धुंदला हो जाना।
2. आंखों में दर्द और दबाव का महसूस होना।
3. आंखों के आसपास लालिमा आ जाना।
4. आंखों में सूजन की समस्या हो जाना।
5. प्राकृतिक नज़र का खराब होना।
ग्लूकोमा का उपचार कैसे किया जाता है?
दरअसल, ग्लूकोमा जैसी समस्या का इलाज इसके प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है। हालांकि, ग्लूकोमा का इलाज दवाओं, लेजर सर्जरी और पारंपरिक सर्जरी के माध्यम से किया जा सकता है, पर ग्लूकोमा को पूरी तरह रोका नहीं किया जा सकता। दरअसल,नियमित आंखों की जांच कराने पर इस को वक्त पर पहचाना जा सकता है। आम तौर पर, अगर आप डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोतियाबिंद जैसी समस्या से पीड़ित हैं, तो आपको नियमित अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए।
निष्कर्ष : आंखें शरीर का महत्वपूर्ण अंग होने के साथ- साथ एक नाजुक अंग भी होती है, जो छोटी सी समस्या के दौरान काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है। आंखों से जुड़ी ऐसी कई समस्याएं होती हैं, जिन पर ध्यान न देने पर आंखों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंच सकता है। ग्लूकोमा आंखों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसका वक्त रहते इलाज न किया जाये, तो यह आगे चल कर अंधेपन का कारण बन सकती है। इस समस्या की शुरुआत में कोई लक्षण नज़र नहीं आता, पर समस्या बढ़ने पर धुंधली नज़र होना, आंखों में सूजन होना और आंखों में दर्द महसूस होना जैसे कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जो काफी गंभीर हो सकते हैं। इसलिए, इस तरह की समस्या से बचने के लिए वक्त पर समस्या की पहचान और इलाज करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। ग्लूकोमा जैसी समस्या का इलाज दवाओं और लेजर सर्जरी या फिर पारंपरिक सर्जरी से किया जा सकता है। ग्लूकोमा जैसी आंखों से जुड़ी समस्या के गंभीर होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही मित्रा आई एंड लेजर लेसिक हॉस्पिटल में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
