यह बात तो हम सभी जानते है की वायु प्रदूषण हमारी आंखों के स्वास्थ्य के लिए कितने हानिकारक होते है | आंखें मानव शरीर के लिए सबसे संवेदनशील और नाज़ुक अंगों में से एक होता है, जो किसी अन्य अंग की तुलना में वायु प्रदूषण के प्रति अधिक संवेदनशील को उत्पन्न करता है | हवा में मौजूद वायुजनित प्रदूषक विभिन्न प्रकारों से आंखों और श्वसन से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बनते है, जिनके कई बार लक्षणों और संकेतों का सही समय पर उपचार न होने पर यह क्रोनिक दर्द सहित गंभीर स्वास्थ्य समस्यों का प्रमुख कारण बन सकते है |
वायु प्रदूषण में सबसे आम जैसे की कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोज़न डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, आर्सेनिक, एस्बेस्टस, बेजींन, सीसा, क्लोरोफ्लोरोकार्बोन, पर्टिकुलेट मैटर और डाइऑक्सीजन जैसे वायु प्रदूषक शामिल होते है | इन प्रदूषकों के संपर्क में आने से आंखों से पानी आना, लालिमा, जलन होना, सूजन और जलन के साथ-साथ खुजली होने जैसे गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो सकती है | हालांकि मास्क द्वारा इन प्रदूषकों को साँस के जरिये अंदर ले जाने से रोका जा सकता है, लेकिन हमारी आंखें तो खुली रहती है, इन्ही कारणों से बड़ी संख्या में लोग हमेशा आंखों से जुडी समस्याओं की शिकायत करते है | आइये जानते है किन कारणों से वायु प्रदूषण कर रहा आंखों के स्वास्थ्य को प्रभावित :-
किन कारणों से वायु प्रदूषण कर रहा आंखों के स्वास्थ्य को प्रभावित ?
- हवा में मौजूद हाइड्रोकार्बन और नाइट्रिक ऑक्साइड का उच्च स्तर आंखों में गंभीर असुविधा और जलन होना के कारण बनते है |
- प्रदूषण के कारण आंखों में लालिमा, खुजली, जलन, सूजन और आंखों से पानी निकलने जैसी समस्या हो सकती है |
- ऑटोमोबाइल वाहनों से निकलने वाले धुएं से बनने वाले प्रदूषक के सीधे संपर्क पर आने से यह आंखों में 4 से 5 घंटे के लिए जलन की समस्या को पैदा कर सकता है |
- सोडियम क्लोराइड या फिर कार्बन ब्लैक कणों के संपर्क में आने से आंखों में जलन हो सकती है |
- हवा में मौजूद एरोसोल की उपस्थिति का उच्च स्तर होना |
- पर्यावरण में मौजूद साइक्लोहेक्सीन के संपर्क में आने से भी यह आंखों में जलन की समस्या को उत्पन्न कर सकता है |
शुरुआती संकेत और मुख्य लक्षण
वायु प्रदूषण के कारण होव वाले आंखों के स्वास्थ्य से जुड़े संक्रमण के कुछ सामान्य लक्षण निम्नलिखित है :-
- लगातार जलन होना
- आंख में लालिमा होना
- चिढ का उत्पन्न होना
- आंखों का नम रहना
- बार-बार खुजली होना
- आंखों से लगातार पानी का स्त्राव
- संक्रमण में उच्च प्रवृत्ति होना
- आंखों में लगातार एलर्जी होने के कारण सूजन और खुजली होना
वायु प्रदूषण से से होने वाले आंखों के स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां
वायु प्रदूषण के लगातार संपर्क में रहने से आंखों संबंधी कई तरह की बीमारियां हो सकती है | उन्ही में से एक आम स्थिति है कंजक्टिवाइटिस, जिसे आमतौर पर गुलाबी आंखे भी कहा जाता है, यह कंजक्टिवा में सूजन का कारण बनते है, जो आंख के सफ़ेद हिस्से को ढकने वाली एक किस्म की पारदर्शी झिल्ली होती है | वायु प्रदूषण आंखों में एलर्जी और जलन की समस्या को उत्पन्न कर सकता है, जो गुलाबी आंखों को ट्रिगर करने का कार्य करते है | हवा में मौजूद वायु प्रदूषकों के अतिरक्त होने पर यह शुष्क आंख सिंड्रोम जैसे स्थितियों सहित आंख सतह की बीमारियां खराब हो सकती है | इन दीर्घकालिक परिणाम को समझना और उचित समय पर उपचार करवाना बेहद ज़रूरी होता है |
वायु प्रदूषण से अपनी आंखों के स्वास्थ्य की सुरक्षा कैसे करें ?
- उन दिनों में बाहर जाना कम करें जब आपका सार्वजनिक स्वास्थ्य हवा में मौजूद विषाक्त या फिर उच्च प्रदूषण स्तर का संकेत दे रहा है |
- अपने हाथों को बार-बार धोते रहे और अपनी आंखों को सीधा छूना कम करें |
- आंखों को सूखापन और जलन होने से रोकने के लिए आंसू को बढ़ावा देने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखें |
- अपनी आंखों को बिल्कुल भी न रगड़ें |
- अत्यधिक सूखापन होने पर डॉक्टर द्वारा निर्धारित आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें |
- संक्रमण ठीक होने तक कंटेंट लेंस का इस्तेमाल करने से बचें |
- सफर के व्यस्त समय के दौरान कार की खिड़किया को खोलने से बचें |
- कोशिश करें बाहर निकलते समय सनग्लासेस पहनकर ही निकले |
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