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दरअसल, इस बात को तो सभी जानते हैं, कि हमारी आँखों में लेंस होते हैं, जो आमतौर पर, हमको पास की चीजों और दूर की चीजों को देखने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि नज़र इंसानी शरीर की सबसे महत्वपूर्ण इंद्रियों में से एक मानी जाती, जो हमारे जीवन को काफी ज्यादा आसान बना देती हैं। पर, सभी की नज़र एक जैसी या फिर ठीक नहीं होती है, दरअसल आज के समय में, ऐसे बहुत से लोग हैं, जो मोतियाबिंद के साथ आँखों की अलग-अलग बीमारियों का सामना कर रहे हैं।
आम तौर पर, मोतियाबिंद आंखों की एक बहुत ही आम बीमारी है, जिसकी वजह से एक व्यक्ति की नजर काफी ज्यादा धुंधली हो जाती है और इंसान अपने सामने की चीज़ को बिल्कुल भी पहचान नहीं पाता है। दरअसल, अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी के मुताबिक, हमारी आंखों के अंदर जो लेंस हमें देखने में मदद करते हैं, उनका साफ़ नज़र देने के लिए साफ होना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि मोतियाबिंद जैसी समस्या के दौरान, लेंस धुंधला या फिर बादल की तरह हो जाता है, जिसकी वजह से धुंधली, अस्पष्ट और धुंधली तस्वीरें बनती हैं। दरअसल, इसका ठीक उसी की तरह अनुभव होता है, जैसे कि हम धूल भरी या फिर धुंधली खिड़की से बाहर की तरह देख रहे हों। आम तौर पर, आज के समय में मोतियाबिंद की समस्या न केवल बुजुर्गों में देखने को मिल रही है, बल्कि यह बच्चों और वयस्कों में भी देखी जा सकती है।
दरअसल, इस तरह की स्थिति में कई लोग जानना चाहते हैं, आखिर मोतियाबिंद क्या है इसके लक्षण, कारण और बचाव के तरीके क्या हो सकते हैं? दरअसल, आंख के लेंस पर बनने वाले घने और धुंधले एरिये को मोतियाबिंद के नाम से जाना जाता है। आम तौर पर, जिसकी वजह से बिलकुल साफ़ तस्वीरें रेटिना तक नहीं पहुँच पातीं हैं और इससे नज़र काफी ज्यादा प्रभावित होती है। दरअसल, इसमें आँखों में मौजूद प्रोटीन गुच्छे बना लेते हैं, जो देखने की प्रक्रिया को काफी ज्यादा प्रभावित करते हैं। मोतियाबिंद का विकास धीरे-धीरे होता है और एक आँख से शुरू होकर दूसरी आँख में फैल सकता है। इसके कारणों में, काफी ज्यादा धूम्रपान करना, पराबैंगनी विकिरण का होना, मधुमेह और ग्लूकोमा जैसी बीमारियां, और आँखों में चोट लगना आदि शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही इसके लक्षणों में, रात में वस्तुओं को देखने में काफी ज्यादा दिक्कत होना और दोहरी दृष्टि होना शामिल है। दरअसल, धूप में बाहर निकलते वक्त सनग्लास का इस्तेमाल करने, रोजाना अपनी आंखों की डॉक्टर से जांच करवाना और रोजाना एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करने आदि से इस तरह की समस्या से बचाव किया जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके डॉक्टर से इसके बारे में और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
मोतियाबिंद के लक्षण
दरअसल, मोतियाबिंद जैसी समस्या में निम्नलिखित लक्षण शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
1. रात में वस्तुओं को देखने में काफी ज्यादा दिक्कत होना।
2. दोहरी दृष्टि होना मतलब कि चीजों को दो बार देखना।
3. नज़र का कमजोर होना या फिर चीजों का धुंधला दिखाई देना।
मोतियाबिंद के कारण
आम तौर पर, मोतियाबिंद के संभावित कारणों में निम्नलिखित कारक शामिल हो सकते हैं, जैसे कि
1. काफी ज्यादा धूम्रपान करना।
2. पराबैंगनी विकिरण का होना।
3. मधुमेह और ग्लूकोमा जैसी समस्याओं का होना।
4. आंख में चोट लगना।
मोतियाबिंद से बचाव कैसे किया जा सकता है?
मोतियाबिंद को रोकने और ज़िंदगी भर हेल्दी और बेहतर नज़र बनाए रखने के लिए नीचे दिए गए सुझावों का पालन किया जा सकता है, जैसे कि
1. धूप में बाहर निकलते वक्त सनग्लास का इस्तेमाल करें।
2. ज्यादातर धूम्रपान और शराब का सेवन करने से बचें।
3. सेहतमंद वजन बनाए रखें।
4. रोजाना किसी अच्छे डॉक्टर से अपनी आंखों की जांच करवाएं।
निष्कर्ष:
आज के समय में, ऐसे बहुत से लोग हैं, जो मोतियाबिंद के साथ आंखों की अलग-अलग बीमारियों का सामना कर रहे हैं। मोतियाबिंद की समस्या बुजुर्गों के साथ -साथ बच्चों और वयस्कों में भी देखने को मिल रही है। मोतियाबिंद आंखों की एक आम बीमारी है, जिसकी वजह से एक व्यक्ति की नजर काफी ज्यादा धुंधली हो जाती है और इंसान अपने सामने की चीज को अच्छे से पहचान नहीं पाता है। इसके कारणों में, काफी ज्यादा धूम्रपान करना, पराबैंगनी विकिरण का होना, मधुमेह और ग्लूकोमा जैसी बीमारियां, और आँखों में चोट लगना आदि शामिल हो सकते हैं। इस तरह की समस्या से बचने के लिए धूप में बाहर निकलते वक्त सनग्लास का इस्तेमाल करें, रोजाना अपनी आंखों की जांच कराएं और रोजाना एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। अगर आपको फिर भी आंखों से जुड़ी किसी भी तरह की कोई समस्या है, जिसका आप समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही मित्रा आई हॉस्पिटल एंड लेसिक लेज़र सेंटर में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इस के इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
